प्राचीन भारत : डॉ राधाकुमुद मुकर्जी द्वारा हिन्दी पीडीएफ़ पुस्तक | Prachin Bharat : by Dr. Radhakumud Mukarji Hindi PDF Book

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“हर सुबह जब आप जागते हैं तो अपने भगवान को धन्यवाद दें तथा आप अनुभव करते है कि आपने वह कार्य करना है जिसे अवश्य किया जाना चाहिए, चाहे आप इसे पसंद करें या नहीं। इससे चरित्र का निर्माण होता है।” ‐ एमरसन
“Thank God every morning you get up and find you have something to do that must be done, whether you like it or not. That builds character.” ‐ Emerson

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प्राचीन भारत : डॉ राधाकुमुद मुकर्जी द्वारा हिन्दी पीडीएफ़ पुस्तक | Prachin Bharat : by Dr. Radhakumud Mukarji Hindi PDF Book

प्राचीन भारत : डॉ राधाकुमुद मुकर्जी द्वारा हिन्दी पीडीएफ़ पुस्तक | Prachin Bharat : by Dr. Radhakumud Mukarji Hindi PDF Book

  • Pustak Ka Naam / Name of Book : प्राचीन भारत / Prachin Bharat Hindi Book in PDF
  • Pustak Ke Lekhak / Author of Book : डॉ राधाकुमुद मुकर्जी / Dr. Radhakumud Mukarji
  • Pustak Ki Bhasha / Language of Book : हिंदी / Hindi
  • Pustak Ka Akar / Size of Ebook : 05.9 MB
  • Pustak Mein Kul Prashth / Total pages in ebook : 222
  • Pustak Download Sthiti / Ebook Downloading Status : Best

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प्राचीन भारत : डॉ राधाकुमुद मुकर्जी द्वारा हिन्दी पीडीएफ़ पुस्तक | Prachin Bharat : by Dr. Radhakumud Mukarji Hindi PDF Book

Pustak Ka Vivaran : itihaas ka vishay mrt ateet hai, jeevit vartamaan nahin . isaka sambandh un ghatanaon se hai jo ghat chukee hai, chaaloo ghatanaon se nahin jo taralaavastha aur nirmaan kee pratikriya me hai, isaka vaasta usase hai, jo ho chuka hai na kee usase jo yadi hota to. isaka vishay aadarsh nahin yathaarth tathy hai………….

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Description about eBook : The subject of history is the dead past, not living present. It is related to the events which have come down, not from the current incidents that are in the reaction of liquidation and construction; it is from the way it is, what has happened, if not, Its subject is not an ideal fact……………..

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“जब जो मैं हूँ उसे छोड़ देता हूँ तो वह बन जाता हूँ जो मैं बन सकता हूँ।”
– लाओ त्सू
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“When I let go of what I am, I become what I might be. ”
– Lao Tzu
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