नीड़ की ओर : मदन गुप्ता सपाटू द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीऍफ पुस्तक | Need Ki Or : by Madan Gupta Sapaatu Free Hindi PDF Book

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“हम कभी नहीं जान पाएंगे कि एक छोटी सी मुस्कान कितना भला कर सकती है।” संत तरेसा
“We shall never know all the good that a simple smile can do.” Saint Teresa

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नीड़ की ओर : मदन गुप्ता सपाटू द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीऍफ पुस्तक | Need Ki Or : by Madan Gupta Sapaatu Free Hindi PDF Book

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पुस्तक का नाम / Name of Book : नीड़ की ओर / Need Ki Or

पुस्तक के लेखक / Author of Book : मदन गुप्ता सपाटू / Madan Gupta Sapaatu

पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी / Hindi

पुस्तक का आकर / Size of Ebook : 1.5 MB

कुल पन्ने / Total pages in ebook : 102

पुस्तक डाउनलोड स्थिति / Ebook Downloading Status  : Best 

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पुस्तक का विवरण : रचना-सरोकारों की स्वनिर्मित परिधि के अतिक्रमण की अक्षमता के कारण आज की रचना कुछ जाने-पहचाने मुददों तक ही सिमट कर रह गई है| जीवन के परिमित अनुभव, सामाजिक सच्चाइयों की सतही पहचान और वर्गावारोहन की प्रक्रिया से गुजरने की कोशिश किए बगैर, उधार ली हुई क्रन्तिकारी अंतर्वस्तु और कनपटी-मार मुहावरे के बल पर विद्रोही मसीहा चुनने की विक्षिप्त धुन ही आज की अधिकांश रचनाओं में मिलती है………….

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Description about eBook : Due to the inability to encroach on the self-made perimeter of composition-concerns, today’s composition has been confined to some well-known issues. Without trying to go through the finite experience of life, the superficial identity of social truths, and the process of Vargavarohan, the neurotic tune of choosing the rebellious messiah on the basis of borrowed revolutionary contents and a monkey-idiomatic idiom, is found in most of today’s compositions…………..

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One Quotation / एक उद्धरण
“आपकी चाल के धीमा होने का फ़र्क तब तक नहीं पड़ता जब तक कि आप रुक न जाएं।”
– कन्फ्यूशियस


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“It does not matter how slowly you go as long as you do not stop.” 
– Confucius

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