नये युग की नारी : मोहनसिंह सेंगर द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – सामाजिक | Naye Yug Ki Nari : by Mohan Singh Sengar Hindi PDF Book – Social (Samajik)

Book Name नये युग की नारी / Naye Yug Ki Nari
Author
Category, , ,
Language
Pages 140
Quality Good
Size 5 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : युग-परिवर्तन के साथ नारी की गुलामी के बाह्म रूपों मे भी गौण परिवर्तन हुए । सृष्टि की धोंत्री, घर की लक्ष्मी, देवी, माता आदि के नामो से वह पूजनीय बनाई गई, पर उसके पाँव की बेड़ी नही खोली गई। दासता की इस वन्दना को अपना गौरव समझ नारी अपने पाँवों की बेडियों……

Pustak Ka Vivaran : Yug-Parivartan ke sath Nari ki Gulami ke bahy Roopon me bhi gaun parivartan huye . Srshti ki dhontri, ghar ki lakshmi, devi, mata aadi ke namo se vah poojaneey banai gayi, par usake panv ki bedi nahi kholi gayi. dasata ki is vandana ko apana gaurav samajh nari apane povon ki bediyon……….

Description about eBook : With the change of age, there were minor changes in the external forms of female slavery. She was made venerable by the names of Srishti, Lakshmi of the house, Goddess, Mother etc. but her fetters were not opened

“आईने में झांकिए और अपने आप से पूछिये कि बाकी के जीवन में आप क्या करना चाहते हैं। और फिर वही करें।” ‐ गेरी वैनरचक
“Look yourself in the mirror and ask yourself “What do I want to do for the rest of my life?” Do that.” ‐ Gary Vaynerchuk

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