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महामात्य चाणक्य / Mahamatya Chanakya

महामात्य चाणक्य : श्री शरण द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - उपन्यास | Mahamatya Chanakya : by Shri Sharan Hindi PDF Book - Novel (Upanyas)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name महामात्य चाणक्य / Mahamatya Chanakya
Author
Category, , , ,
Language
Pages 242
Quality Good
Size 4 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : केसरी द्रुतगति से चलता हुआ सहसा रुक गया। दिवस का अवसान समीप था। सूर्यदेव अपनी किरणों को समेट कर वृक्षों की चोटियों पर से होकर पश्चिम दिशा की ओर प्रस्थान कर रहे थे। महामात्य ‘शकटार ने केसरी को गंतव्य पथ की ओर बढ़ने का संकेत किया, पर वह मूक पशु केवल हिनहिना कर रह गया। महामात्य शकटार…………

Pustak Ka Vivaran : Kesari Drutagati se chalata huya Sahasa Ruk gaya. Divas ka avasan sameep tha. Soorydev apani kiranon ko samet kar vrkshon kee chotiyon par se hokar pashchim disha kee or prasthan kar rahe the. Mahamaty shakatar ne kesari ko Gantavy path kee or badhane ka sanket kiya, par vah mook pashu keval hinahina kar rah gaya. mahamaty shakatar……..

Description about eBook : Kesari suddenly stopped walking quickly. The expiration of the day was near. Suryadev, after covering his rays, was going towards the western direction through the peaks of trees. Mahamatya Shaktar signaled Kesari to move towards the destination path, but the silent beast was only snarling. Mahamatya Shaktar ……..

“सितारों की तरह होते हैं आदर्श। उन्हें आप हाथों से छू नहीं पाएंगे। लेकिन समुद्र के नाविकों की तरह आप उन्हें अपना मार्गदर्शक चुनते हैं, और उनका पीछा करते हुए आप अपनी मंजिल पा लेंगें।” ‐ कार्ल शुर्ट्ज़ (१८२९-१९०६), लेखक एवं राजनीतिज्ञ
“Ideas are like stars; you will not succeed in touching them with your hands. But, like the seafaring man on the desert of waters, you choose them as your guides, and following them you will reach your destiny.” ‐ Carl Shurtz, (1829-1906), Writer and Politician

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