लोक जीवन : दत्तात्रेय बालकृष्ण कालेलकर द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीएफ पुस्तक | Lok Jeevan : Duttatreya Balkrishna Kalelkar Free Hindi PDF Book

Author
Category, ,
Language
पुस्तक का डाउनलोड लिंक नीचे हरी पट्टी पर दिया गया है|
“क्रोध कभी भी बिना कारण नहीं होता, लेकिन कदाचित ही यह कारण सार्थक होता है।” ‐ बेंजामिन फ्रेंकलिन
“Anger is never without a reason, but seldom with a good one.” ‐ Benjamin Franklin

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Check Competition Books in Hindi & English - कम्पटीशन तैयारी से सम्बंधित किताबें यहाँ क्लिक करके देखें

लोक जीवन : दत्तात्रेय बालकृष्ण कालेलकर द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीएफ पुस्तक | Lok Jeevan : Duttatreya Balkrishna Kalelkar Free Hindi PDF Book

( Download Link Given Below / डाउनलोड लिंक नीचे दिया गया हैं )

lok-jeevan-duttatreya-balkrishna-kalelkar-लोक-जीवन-दत्तात्रेय-बालकृष्ण-कालेलकर

पुस्तक का नाम / Name of Book : लोक जीवन / Lok Jeevan

पुस्तक के लेखक / Author of Book : दत्तात्रेय बालकृष्ण कालेलकर / Duttatreya Balkrishna Kalelkar

पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी / Hindi

पुस्तक का आकर / Size of Ebook : 7.2 MB

कुल पन्ने / Total pages in ebook : 206

पुस्तक डाउनलोड स्थिति / Ebook Downloading Status  : Best 

(Report this in comment if you are facing any issue in downloading / कृपया कमेंट के माध्यम से हमें पुस्तक के डाउनलोड ना होने की स्थिति से अवगत कराते रहें )

पुस्तक का विवरण : प्रबोधिनी एकादशी के दिन देव निद्रा छोड़कर उठते हैं| गरीबों का देव भी अब जाग्रत हुआ है और हजारों बरस के बाद जनता भी गाँवों के प्रति अपना क्या धर्म है इसे सोचने लगी है| स्वराज्य की उपासना और स्वातंत्र्य का ध्यान करते-करते देश सेवकों को यह साक्षात्कार हुआ कि भारत की सच्ची शक्ति गाँवों में रहने वाले हिन्दुस्तान के करोड़ो गरीबों और उनकी लाखों बरस की मजी हुई संस्कृति के अंदर है…………..

अन्य सामाजिक पुस्तकों के लिए यहाँ दबाइए-  “हिंदी सामाजिक पुस्तक”

Description about eBook : On the day of Prabodhini Ekadashi, God wakes up sleep. The God of the poor is now awake and after thousands of years, the public has started thinking about what their religion is towards villages. In doing so, meditation of the freedom and freedom of the Swarajya has been realized that the country’s servants have been interviewed that the true power of India is within the mingled culture of millions of poor and millions of years of Hindustan living in the villages……………..

To read other Social books click here- “Hindi Social Books”


सभी हिंदी पुस्तकें ( Free Hindi Books ) यहाँ देखें



इस पुस्तक को दुसरो तक पहुचाएं 

श्रेणियो अनुसार हिंदी पुस्तके यहाँ देखें 

One Quotation / एक उद्धरण
“ज्ञानी व्यक्ति के पास धन उसके मस्तिष्क में होना चाहिए, हृदय में नहीं।”
– जॉनाथन स्विफ्ट


——————————–
“A wise man should have money in his head, but not in his heart.”
– Jonathan Swift

Leave a Comment