जहाँ चाह वहाँ राह मुफ्त हिंदी पीडीएफ पुस्तक | Jahan Chaah Wahaan Raah Free Hindi PDF Book

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“दोस्ती निस्संदेह रूप से निराश प्रेम की कसक के लिए उत्तम मरहम है।” ‐ जेन ऑस्टिन (१७७५-१८१७)
“Friendship is certainly the finest balm for the pangs of disappointed love.” ‐ Jane Austen (१७७५-१८१७)

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जहाँ चाह वहाँ राह मुफ्त हिंदी पीडीएफ पुस्तक | Jahan Chaah Wahaan Raah Free Hindi PDF Book 

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पुस्तक का नाम / Name of Book : जहाँ चाह वहाँ राह / Jahan Chaah Wahaan Raah

पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी / Hindi

पुस्तक का आकर / Size of Ebook : 43 MB

कुल पन्ने / Total pages in ebook : 199

पुस्तक डाउनलोड स्थिति / Ebook Downloading Status  : Best 

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पुस्तक का विवरण : जहाँ चाह वहां राह पुस्तक उज्बेक की लोक कथाओं का संग्रह है| इस पुस्तक में कुल 22 कथाओं का संग्रह है जो मनोरंजक और शिक्षाप्रद कहानियाँ हैं| प्रस्तुत लोक कथाओं में उज्बेक के लोगों के चरित्र, उनके ररहन-सहन, रीति-रिवाजों, भावनाओं और आकांक्षाओं की झलक मिलती है| इन कहानियों में बुराइयों पर व्यंग्य किया गया है…………..

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Description about eBook : Jahan Chaah Wahaan Raah the book is a collection of Uzbek folklore. The book is a collection of 22 tales are entertaining and enlightening stories. Folklore presents the character of Uzbek people, their living, customs, feelings and aspirations reflected. These stories have been satire on the evils…………….

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One Quotation / एक उद्धरण
“एक देश की शक्ति अंततः इस में निहित है कि वह स्वयं क्या कर सकता है, इसमें नहीं कि वह दूसरों से क्या उधार ले सकता है।”
– इंदिरा गांधी


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“A nation’s strength ultimately consists in what it can do on its own, and not in what it can borrow from others.”
– Indira Gandhi


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