नवरात्रों में अधिकतर सभी लोग अलग अलग तरह के व्रत लेते है जैसे झूट ना बोलना , मीठी वाणी बोलना, सभी को प्रेम करना आदि
किंतु अधिकांश लोग इन नौ दिनों के अंत होते ही अपने नेक व्रत को भूल कर बुराइयों को फिर से अपना लेते हैं
पर माँ दुर्गा कभी ऐसा नहीं करती उनकी कृपा, प्रेम और आशीर्वाद हमेशा हम सभी पर बना रहता है
फिर आप क्यों अपने हिर्दय के आँगन में खिले उस अच्छाई के पोधें को इन नौ दिनों के अंत होते ही काट देते है ?

Shreemat Swami Nirvedanand Ji