एक राज्य बेहतर तभी बनता है जब उस राज्य की प्रजा ईमानदार, जागरूक और कर्मठ होती है
अकेला एक राजा राज्य के विकास एवं संपनता के लिए ज़िम्मेदार नहीं हो सकता
इसलिए एक ज़िम्मेदार प्रजाजन बनें - जब भी बाहर जाएँ तो अपने साथ बेग ले जाने की आदत डालें |

Acharya Chatursen Shastri / आचार्य चतुरसेन शास्त्री