भ्रमर गीत का काव्य वैभव : डॉ मनमोहन गौतम | Bhramar Geet Ka Kavya Vaibhav : by Dr Manmohan Gautam Hindi PDF Book

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“हम अपने कार्यों के परिणाम का निर्णय करने वाले कौन हैं? यह तो भगवान का कार्यक्षेत्र है। हम तो एकमात्र कर्म करने के लिए उत्तरदायी हैं।” ‐ गीता
“Who are we to decide: what will be the outcome of our actions? It is God’s domain. We are just simply responsible for the actions.” ‐ Geeta

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भ्रमर गीत का काव्य वैभव : डॉ मनमोहन गौतम द्वारा हिंदी पीडीऍफ पुस्तक | Bhramar Geet Ka Kavya Vaibhav : by Dr Manmohan Gautam Hindi PDF Book

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पुस्तक का नाम / Name of Book : भ्रमर गीत का काव्य वैभव / Bhramar Geet Ka Kavya Vaibhav

पुस्तक के लेखक / Author of Book : डॉ मनमोहन गौतम / Dr Manmohan Gautam

पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी / Hindi

पुस्तक का आकर / Size of Ebook : 9.8 MB

कुल पन्ने / Total pages in ebook : 220

पुस्तक डाउनलोड स्थिति / Ebook Downloading Status  : Best 

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पुस्तक का विवरण : सूरदास जी का भ्रमरगीत उनकी कोई स्वतंत्र रचना न होकर सूरसागर का एक अंश मात्र है| सूरदास जी ने जिन कृष्ण-लीलाओं के क्रम में अपने पदों की रचना की थी, उन लीलाओं में भ्रमरगीत को कोई स्थान नहीं मिलता…………..

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Description about eBook : The Bhramargeet of Surdas ji is nothing but an excerpt from the Soorsagar. There is no place for Bhramargeet in those lilas which Surdas ji made in the order of Krishna-Leela………………

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One Quotation / एक उद्धरण
“अपने शब्दों को ऊंचा करें, आवाज़ को नहीं। फूल बादलों के बरसने से खिलते हैं, गरजने से नहीं।”
– जलालुद्दीन रुमी


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“Raise your words, not your voice. It is rain that grows the flowers, not thunder.”
– Jalaluddin Rumi

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