भिक्षु दृष्टान्त : श्रीमद जयाचार्य द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक | Bhikshu Drishtant : by Shrimad Jayacharya Free Hindi PDF Book

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“आप हमेशा परिस्थितियों को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं, लेकिन आप स्वयं को नियंत्रित कर सकते हैं।” ‐ एंथनी रोब्बिन्स
“You can’t always control the wind, but you can control your sails.” ‐ Anthony Robbins

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भिक्षु दृष्टान्त : श्रीमद जयाचार्य द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक | Bhikshu Drishtant : by Shrimad Jayacharya Free Hindi PDF Book

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पुस्तक का नाम / Name of Book : भिक्षु दृष्टान्त/ Bhikshu Drishtant

पुस्तक के लेखक / Author of Book : श्रीमद जयाचार्य / Shrimad Jayacharya

पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी / Hindi

पुस्तक का आकर / Size of Ebook : 1.7 MB

कुल पन्ने / Total pages in ebook : 154

पुस्तक डाउनलोड स्थिति / Ebook Downloading Status  : Best 

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पुस्तक का विवरण : आध्यात्मिक चिंतन अनिवार्य- जो लोग आध्यात्मिक चिंतन से विमुख होकर केवल लोकोपकारी कार्य में लगे रहते हैं, वे अपनी ही सफलता पर अथवा सद्गुणों पर मोहित हो जाते हैं | वे अपने आपको लोक सेवक के रूप में देखने लगते हैं | इस अवस्था में वे आशा करते हैं की सब लोग उनके कार्यों की प्रशंसा करें, उनका कहना मानें | उनका बढ़ा हुआ अभिमान उन्हें अनेक लोगो का शत्रु बन देता है | इससे उनकी लोकसेवा उन्हें वास्तविक लोक सेवक न बनाकर लोक विनाश का रूप धारण कर लेती है…………..

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Description about eBook : Essentially spiritual contemplation- Those who turn from spiritual contemplation and only engage in humanitarian work, They are deceived by their own success or virtues.At this stage they expect everyone to admire his work, he said, according.The increased number of people as an enemy gives them pride | Public Service by not making them public on their real public servant takes the form of destruction……………….

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One Quotation / एक उद्धरण
“इस दुनिया में जो कुछ हम अर्जित करते हैं, उससे नहीं अपितु जो कुछ त्याग करते हैं, उससे समृद्ध बनते हैं।”
– हैनरी वार्ड बीचर


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“In this world it is not what we take up, but what we give up, that makes us rich.”
– Henry Ward Beecher

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