भारतीय लोक साहित्य : श्याम परमार द्वारा मुफ्त हिंदी साहित्य पीडीएफ पुस्तक | Bhartiya Lok Sahitya : by Shyam Parmar Free Hindi Literature PDF Book

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“कोई सपना देखे बिना कुछ नहीं होता।” कार्ल सैंडबर्ग (१८७८-१९६७), कवि
“Nothing happens unless first a dream.” Carl Sandberg (1878-1967), Poet

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भारतीय लोक साहित्य : श्याम परमार द्वारा मुफ्त हिंदी साहित्य पीडीएफ पुस्तक | Bhartiya Lok Sahitya : by Shyam Parmar Free Hindi Literature PDF Book  

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पुस्तक का नाम / Name of Book : भारतीय लोक साहित्य / Bhartiya Lok Sahitya

पुस्तक के लेखक / Author of Book : श्याम परमार/ Shyam Parmar

पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी / Hindi

पुस्तक का आकर / Size of Ebook : 17 MB

कुल पन्ने / Total pages in ebook : 218

पुस्तक डाउनलोड स्थिति / Ebook Downloading Status  : Best 

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पुस्तक का विवरण : आध्यात्मिक चिंतन अनिवार्य- जो लोग आध्यात्मिक चिंतन से विमुख होकर केवल लोकोपकारी कार्य में लगे रहते हैं, वे अपनी ही सफलता पर अथवा सद्गुणों पर मोहित हो जाते हैं | वे अपने आपको लोक सेवक के रूप में देखने लगते हैं | इस अवस्था में वे आशा करते हैं की सब लोग उनके कार्यों की प्रशंसा करें, उनका कहना मानें | उनका बढ़ा हुआ अभिमान उन्हें अनेक लोगो का शत्रु बन देता है | इससे उनकी लोकसेवा उन्हें वास्तविक लोक सेवक न बनाकर लोक विनाश का रूप धारण कर लेती है…………..

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Description about eBook : Essentially spiritual contemplation- Those who turn from spiritual contemplation and only engage in humanitarian work, They are deceived by their own success or virtues.At this stage they expect everyone to admire his work, he said, according.The increased number of people as an enemy gives them pride | Public Service by not making them public on their real public servant takes the form of destruction……………….

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One Quotation / एक उद्धरण
“आपदा में ही सिद्धांत की परीक्षा होती है। उसके बिना व्यक्ति को अपनी नेकी का ज्ञान ही नहीं हो पाता है।”
– हेनरी फील्डिंग


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“Adversity is the trial of principle. Without it, a man hardly knows whether he is honest or not.” 
– Henry Fielding

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