हरिवंश पुराण : मज्जिनसेनाचार्य द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक | Harivansh Puran : by Majjinsen Acharya Free Hindi PDF Book

( Download Link Given Below / डाउनलोड लिंक नीचे दिया गया हैं )

harivansh-puran-majjinsen-acharya-हरिवंश-पुराण-मज्जिनसेनाचार्य



पुस्तक का नाम / Name of Book : हरिवंश पुराण / Harivansh Puran


पुस्तक के लेखक / Author of Book : मज्जिनसेनाचार्य / Majjinsen Acharya


पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी / Hindi


पुस्तक का आकर / Size of Ebook : 58 MB


कुल पन्ने / Total pages in ebook : 512


पुस्तक डाउनलोड स्थिति / Ebook Downloading Status  : Best 

(Report this in comment if you are facing any issue in downloading / कृपया कमेंट के माध्यम से हमें पुस्तक के डाउनलोड ना होने की स्थिति से अवगत कराते रहें )


पुस्तक का विवरण : मानव जीवन के लिये उपयोगी इस ग्रन्थ का पाठ करने से पूर्व महर्षि वेद व्यास भगवान श्रीकृ,ण, पाण्डुपुत्र अर्जुन एवं ज्ञान की देवी सरस्वती का ध्यान करे । सनातन धर्म के रचियता महर्षि वेद व्यास जिन्होंने इस पुराण की कथा क वर्णन किया, उनके चरण कमलों में सादर वन्दन ।  अज्ञान के तिमिर में यह प्रकाश ज्योतिरुप सबका कल्याण करे  ।  मैं उन गुरुदेव को नमस्कार करता हूँ ।  यह अखण्ड मंगलाकार चराचर विश्व जिस परमपिता परमात्मा से व्याप्त है ।  मैं उनके नमस्कार करता हूँ ।  उनका साक्षात दर्शन कराने वाले गुरुदेव को नमस्कार करता हूँ ।  ज्ञानियों ने हरिवंश पुराण को ब्रहृ, विष्णु, शिव का रुप कहा है ।  यह सनातन शब्द ब्रहमय है ।  इसका पारायण करने वाला मोक्ष प्राप्त करता है ।  जैसे सूर्योदय के होने प अन्धकार का नाश हो जाता है,  इसी प्रकार हरिवंश के पठन पाठन, क्षवण से मन, वाणी और देह द्घावरा किये गए सम्पूर्ण पाप नष्ट हो जाते है ।   जो फल अठारह पुराणों के क्षवण से प्राप्त होता है, उतना फल विष्णु भक्त को हरिवंस पुराण के सुनने से मिलता है, इसमें संदेह नहीं है ।  इसे पढ़ने और सुनने वाले स्त्री, पुरुष, बालक, विष्णुधाम प्राप्त करते है..............


महाभारत से सम्बंधित अन्य पुस्तकों के लिए यहाँ दबाइए-  "हिंदी महाभारत पुस्तक"


Description about eBook : Before reading this book for human life, Maharishi Ved Vyas meditates on Lord Shrikrishna, Pandu, Arjun and Goddess Saraswati of knowledge. Veneration of Sanatan religion Maharishi Ved Vyas who described the mythology of this Puran, Vandana performed in his Kamakas. In light of ignorance, this light will be blessed by the Jyotirupas. I salute those Gurudev. This Akhand Mangalaka is a charitra world which is surrounded by the supreme God. I salute them. I salute Gurudev, who has seen his face. Gyanis have called the Harivansh Purana as the form of Brahree, Vishnu, Shiva. This eternal word is Brahma. The person receiving this salvation receives salvation. Like the sunrise, the darkness of destruction is destroyed; Similarly, reading of reading of the Harivansh, elimination of entire sin committed by memory, speech and body. The fruit that comes from the erosion of eighteen myths, the fruit is found by the devotee of Vishnu listening to Harivans Purana, there is no doubt in it. The women, men, children, Vishnudhams receive and read it...................


To read other Mahabharat books click here"Hindi Mahabharat Books"


सभी हिंदी पुस्तकें ( Free Hindi Books ) यहाँ देखें





इस पुस्तक को दुसरो तक पहुचाएं 







श्रेणियो अनुसार हिंदी पुस्तके यहाँ देखें 


One Quotation / एक उद्धरण

“सफल विवाह वह नहीं है जिसमें ‘सर्वगुण सम्पन्न जोड़ा’ विवाहसूत्र में बंधता है। सफल विवाह वह है जिसमें पति-पत्नी एक दूसरे के मतभेदों में खुशी ढूंढ लेते हैं। ”
डेव मेयूरर

--------------------------------

“A great marriage is not when the 'perfect couple' comes together. It is when an imperfect couple learns to enjoy their differences. ”
Dave Meurer






जो करते हैं हिंदी कहानियों से प्यार ! उनका यहाँ स्वागत है

Your Hindi Blog .com

कमेंट करके हमें उन पुस्तकों के बारे में जरुर बताये , जिन्हें आप डाउनलोड नही कर पा रहें

Post a Comment

 
Top