घेरण्ड संहिता भाषानुवाद : स्वामीजी महाराज द्वारा | Gheranda Samhita Bhashanuvaad : by Swamiji Maharaj 


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पुस्तक का नाम / Name of Book : घेरण्ड संहिता भाषानुवाद / Gheranda Samhita Bhashanuvaad

पुस्तक के लेखक / Author of Book : स्वामीजी महाराज / Swamiji Maharaj

पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी / Hindi

पुस्तक का आकर / Size of Ebook : 14.9 MB

कुल पन्ने / Total pages in ebook : 117

पुस्तक डाउनलोड स्थिति / Ebook Downloading Status  : Best 
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पुस्तक का विवरण : संसार में जितने प्रसिद्ध स्थान तथा नगर हैं उनकी ख्याति के कुछ न कुछ विशेष कारण अवश्य होते हैं| जहाँ प्राचीन इतिहास हम को पूर्व वैभव का ज्ञान कराता है वहां प्राचीन स्थान अथवा नगर पूर्व शिल्प तथा अभ्युदय को बतलाते हैं| क्या कारण है कि आज सहस्त्रों वर्ष के परिवर्तन होने पर भी राम की अयोध्या, कृष्ण की मथुरा, बुद्ध की कपिलवस्तु नगरी का नाम स्मरण करते ही मस्तक प्रसन्न हो जाता है, ह्रदय तेल्लीन हो जाता है और शरीर में रोमांच हो आते हैं?..............

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Description about eBook : There are some special reasons for the fame of the famous places and cities in the world. Where ancient history gives us the knowledge of former glory, the ancient place or the city pre-craft and Abhyudaya are told. What is the reason that even today there is a change in the life of the thousand years, when the memory of Ram's Ayodhya, Krishna's Mathura, Buddha's Kapilavastu Nagaris are remembered, the head becomes pleased, heart becomes delusional and there are adventures in the body?.................

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One Quotation / एक उद्धरण

“आप जो अपने पीछे छोड़ जाते हैं वह पत्थर के स्मारकों पर गढ़ा नहीं बल्कि दूसरों के जीवन की यादों में बसा होता है।”
पेरिकल्स

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“What you leave behind is not what is engraved in stone monuments, but what is woven into the lives of others.” 
Pericles






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