संतों का वचनामृत : रंगनाथ रामचंद्र दिवाकर द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीएफ पुस्तक | Santon Ka Vachnamrit : by Rangnath Ramchandra Diwakar Free Hindi PDF Book

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पुस्तक का नाम / Name of Book : संतों का वचनामृत / Santon Ka Vachnamrit


पुस्तक के लेखक / Author of Book : रंगनाथ रामचंद्र दिवाकर / Rangnath Ramchandra Diwakar


पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी / Hindi


पुस्तक का आकर / Size of Ebook : 15.9 MB


कुल पन्ने / Total pages in ebook : 322


पुस्तक डाउनलोड स्थिति / Ebook Downloading Status  : Best 

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पुस्तक का विवरण : वीर-शैव वचनकारों के सम्बन्ध में लिखी मेरी कन्नड़-पुस्तक के हिंदी-संस्करण का मेरी ओर से हार्दिक स्वागत है| एक सुन्दर पुस्तक के  रूप में प्रकाशित इस हिंदी-रूपान्तर (कन्नड़ वचन गध्य की मौलिक शैली में) के लिए मैं बाबुराव कुमठेकर को धन्यवाद् देता हूँ| भारत-विद्या के विद्यार्थियों के लिए संस्कृत, पाली, प्राकृत आदि भाषाओँ की रचनाओं अथवा इनके अनुवादों का अध्ययन एक प्रकार से काफी बेमिसाल सा हो जाता है.............

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Description about eBook : The Hindi-edition of my Kannada-book written in connection with Veer-Shaiva Promises is my heartfelt welcome. I thank Baburao Kumthekar for this Hindi-adaptation (in the fundamental style of Kannada word cognition) published in the form of a beautiful book. Studies of the compositions of Sanskrit, Pali, Prakrit etc. for the students of Indo-Vidyapith, or their translations, become quite unmatched in a way...................

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One Quotation / एक उद्धरण

“परमात्मा में विश्वास तब तक नहीं हो सकता जब तक स्वयं में विश्वास न हो।”
स्वामी विवेकानंद

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“You cannot believe in God until you believe in yourself.” 
Swami Vivekananda






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